साल के अंत में बिहार पुलिस का सौगात। तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण।
पटना। जेपी न्यूज़। बिहार सरकार की आत्मसमर्पण–सह–पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर और सुरक्षा बलों के लगातार अभियान व जनसहयोग के परिणामस्वरूप माओवादी संगठन के तीन सक्रिय सदस्य ने आज 28 दिसंबर 2025 को पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं—
जनरल कमांडर (ZCM) नारायण कोड़ा, जिस पर बिहार सरकार द्वारा 3 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सब–जोनल कमांडर (SZCM) बहादुर कोड़ा, जिस पर भी 3 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सशस्त्र दस्ता सदस्य विनोद उर्फ बिनो कोड़ा।
भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों द्वारा बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपे गए, जिनमें शामिल हैं—
5.56 एमएम INSAS राइफल – 02
7.62 एमएम SLR राइफल – 04
5.56 एमएम जिंदा कारतूस – 150
7.62 एमएम जिंदा कारतूस – 353
बम/बॉम्ब डिटोनेटर सहित अन्य सामग्री
पुलिस के अनुसार, नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा के विरुद्ध मुंगेर, लखीसराय एवं जमुई जिलों में लगभग दो दर्जन नक्सली कांड दर्ज हैं, जबकि विनोद उर्फ बिनो कोड़ा के खिलाफ लखीसराय जिले में तीन मामले दर्ज हैं।


सरकार देगी आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुविधाएं
आत्मसमर्पण के उपरांत बिहार सरकार एवं मुंगेर जिला प्रशासन की ओर से इन्हें और इनके परिवारों को निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी—
घोषित इनाम की राशि: ₹3,00,000
आत्मसमर्पण प्रोत्साहन राशि: ₹2,50,000
रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण भत्ता (36 माह तक ₹10,000 प्रतिमाह): ₹3,60,000
हथियार समर्पण पर प्रोत्साहन राशि (INSAS, SLR, एम्युनिशन, बॉम्ब सामग्री सहित): कुल ₹1,11,509
इसके अलावा, पुनर्वास नीति के तहत आवास, राशन, स्वास्थ्य (आयुष्मान), शिक्षा तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
नक्सलमुक्त बिहार की दिशा में बड़ी सफलता
प्रशासन का मानना है कि वर्ष 2025 में लगातार हो रहे आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में सफल हो रही है। यह आत्मसमर्पण नक्सलमुक्त बिहार की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

